Gazal by Mohan Rawal | अचेल मन्दिरमा पुजारी गजल सुनाउँछ

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अचेल मन्दिरमा पुजारी गजल सुनाउँछ...!!
अनकौ सोची बिचारी गजल सुनाउँछ...!!

हत्या हिँसा बलत्कार यस्तो अवस्थामा...!
आउँछ क्रान्ति कारी गजल सुनाउँछ...!!

मेरो गजल सुन्दै प्रभाभित भएर...!
यसरी हतियार धारी गजल सुनाउँछ...!!

भमरा डुलेको देखेर यो याममा...!
माया को फुलवारी गजल सुनाउँछ...!!

घरखेत बन्दकि राखेर हिडेको...!
प्रर्देशी सीमाना पारी गजल सुनाउँछ...!!

माल ताल गजलको बबाल गजलको...!!
अनमोल आँशु झारी गजल सुनाउँछ...!!

रचनाकार - मोहन रावल अनमोल "अस्तु"
बान्नातोली पाचँ अछाम
हाल_क्षितिज पारिबाट
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